If the person giving the job (HPSC Chairman) is from outside, then how can the people

नौकरी देने वाले (HPSC चेयरमैन) बाहर के हैं तो नौकरी पाने वाले हरियाणा के कैसे हो सकते हैं – दीपेन्द्र हुड्डा

hoda

If the person giving the job (HPSC Chairman) is from outside, then how can the people

 सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि जब नौकरी देने वाले (HPSC चेयरमैन) बाहर के हैं तो नौकरी पाने वाले हरियाणा के कैसे हो सकते हैं? उन्होंने HPSC चेयरमैन, बीजेपी नेताओं द्वारा लगातार हरियाणा के युवाओं को कमतर बताने पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर हरियाणा के युवा काबिल नहीं हैं तो यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में कैसे टॉप हो रहे हैं। हरियाणा की यूनिवर्सिटियों से पढ़कर निकले युवा देश-विदेश में आगे जा रहे हैं। उन्होंने मांग करी कि एचपीएससी चैयरमैन के बयान के आधार पर उन्हें बर्खास्त किया जाए। HPSC चैयरमैन को तुरंत हटाकर 3 करोड़ हरियाणावासियों में से किसी काबिल व्यक्ति को चैयरमैन बनाया जाए। क्योंकि, जब से बाहर के प्रदेश से लाकर एचपीएससी चैयरमैन बनाया गया है तब से ज्यादातर अन्य प्रदेशों के बच्चे ही चयनित हो रहे हैं। जबकि अन्य प्रदेशों में वहाँ की सरकारें अपने राज्य के युवाओं को नौकरियों में प्राथमिकता देती है। दीपेन्द्र हुड्डा ने यह भी कहा कि अगर सरकार हरियाणा के युवाओं को काबिल नहीं मानती तो क्या इसका मतलब ये नहीं है कि बीजेपी सरकार ने हरियाणा के शिक्षा तंत्र को बर्बाद कर दिया है। 

सांसद दीपेन्द्र हुड्डा गांव भटगांव (गोहाना) में पूर्व सरपंच राजीव की माताजी के निधन पर शोक व्यक्त करने पहुंचे और उनके परिवारजनों से मिलकर ढांढस बंधाया। इसके बाद बातचीत में उन्होंने कहा कि बीजेपी पार्टी का मतलब बहुत झूठा प्रचार वाली पार्टी है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी पंजाब में जाकर 24 फसलों पर MSP देने की बात कहते हैं लेकिन वे हरियाणा की मंडियों में जाकर बताएं कि यहाँ कितनी फसलों पर MSP देते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में धान, बाजरा, नरमा समेत किसी फसल पर एमएसपी तक नहीं मिली। लाडो लक्ष्मी योजना के तहत हरियाणा की हर महिला को 2100 रुपये देने की घोषणा की गयी थी। जब देने की बारी आयी तो नयी-नयी शर्तें जोड़ दी गयी। भाजपा सरकार कहती कुछ है करती कुछ और ही है। 
पूरे प्रदेश में किसानों को बाढ़, जलभराव से व्यापक नुकसान हुआ और हरियाणा उत्तर भारत का अकेला ऐसा प्रदेश है जिसे बाढ़ग्रस्त भी घोषित नहीं किया गया। जबकि, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली समेत हिमाचल प्रदेश को बाढ़ग्रस्त घोषित कर राहत पैकेज दिया गया। प्रदेश के साढ़े पांच लाख किसानों ने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर नुकसान का पंजीकरण कराया, बावजूद इसके सिर्फ 50 हजार किसानों को मुआवजा मिला वो भी जितना मिलना चाहिए था उतना नहीं मिला। दुःख की बात ये है कि 2014 तक कांग्रेस सरकार के समय हरियाणा के किसानों को फसल खराबे का पंजाब से दोगुना और देश में सबसे ज्यादा मुआवजा मिलता था। आज हमारे किसानों को पंजाब से आधा मुआवजा मिल रहा है। उन्हों केंद्र सरकार ने हरियाणा को देश का सबसे असुरक्षित प्रदेश घोषित किया है। 

इस दौरान विधायक इंदुराज नरवाल, पूर्व विधायक जगबीर मलिक, पूर्व विधायक सुरेंद्र पवार, पूर्व विधायक पदम सिंह दहिया, पूर्व विधायक नीरज शर्मा, जयभागवान दीपालपुर, सुरेंद्र दहिया, मनोज रिढ़ाऊ, संजय बड़वासनी, कमल हसीजा, दयानन्द बाल्मीकि, सुमेर प्रधान, अनूप मलिक, परमेंदर जोली, कुलदीप गंगाना, जीतेन्द्र जांगड़ा, प्रशांत शर्मा, अनुज जैन, बंसी बाल्मीकि, बंसी कुंडू, कवर भावड़, दुष्यंत लठवाल, अभी दहिया, पुनीत राणा, अमित मण्डल, कुलदीप खाशा, दिलबाग खान, सुनील कुंडू, सुषमा पार्षद, रेखा राणा, अमित तुषिर, सचिन वर्मा,  विक्की पांची सतबीर प्रधान, राजीव प्रधान, अनुज लठवाल, नवाब प्रधान आदि मौजूद रहे।